Friday, November 20, 2020

भगवान हनुमान के कुछ रोचक तथ्य क्या हैं?

 

1- हनुमान जी का शरीर व्रज का बना हुआ था।

2- हनुमान जी की गदा सिर्फ हनुमान जी या राम जी या लक्ष्मण ही उसको उठा सकते थे।

3- हनुमान जी आज भी कलयुग में ज़िंदा है इनके चमत्कार आज भी आंखों से देखा जा सकता है।

4-हनुमान जी अपने शरीर के आकार को छोटा बड़ा कर सकते थे।

5-हनुमान जी जीवन में कभी भी धनुष बाण का प्रयोग नहीं किया परंतु वो कुशल धनुर्धर थे अर्जुन से बेहतर।

6- महाभारत युद्ध में कर्ण के बाण से भगवान कृष्ण को पीड़ित होते देख हनुमान जी ने कर्ण पर जोर से दहाड़े जिसकी दहाड़ से कर्ण कई बार डर गए।

7- हनुमान जी को किसी से भय नहीं लगता था।

8- हनुमान जी की दहाड़ से महाभारत युद्ध में कई बार कौरवों पक्ष के योद्धा व सैनिक डर के मारे रण छोड़ देते थे।

9- हनुमान जी को सीता माता के बने पकवान बहुत प्रिय थे।

10- हनुमान जी के घाव युद्ध में तुरंत भर जाते थे जब वह जय श्री राम कहते थे।

महेश भट्ट से लोग इतनी घृणा क्यों करते हैं?

 

महेश भट्ट से अत्यंत घृणा करने के अनेकों कारण हैं।

1. 1990 के दशक में महेश की एक फोटो खबरों में आई थी जिसमें वह अपनी बेटी पूजा भट्ट के होंठों को उत्तेजना से चूमता हुआ नजर आ रहा था। महेश ने यह टिप्पणी भी की थी कि अगर पूजा उसकी बेटी न होती तो वह पूजा से शादी कर लेता।

2. 2008 के मुंबई हमलों के बाद महेश भट्ट, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, और अन्य कुछ लोगों ने आरएसएस को हमलों का दोषी साबित करने के लिए एक किताब लांच की थी जिसका नाम था "आरएसएस की साजिश।" इन लोगों ने पाकिस्तान को दोषी मानने से इंकार कर दिया था।

विडंबना यह थी कि महेश का अपना बेटा राहुल भट्ट डेविड हेडली का मित्र था। डेविड हेडली एक पाकिस्तानी आतंकी था जिसने 2008 हमलों से पहले अमेरिका से भारत आकर पाकिस्तान को जानकारी भेजी थी जिससे हमलों का प्लान बनाया गया।

3. महेश भट्ट ने ही सुशांत सिंह राजपूत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती से कहा था कि सुशांत के साथ छोड़ दे। महेश ने रिया से कहा था कि सुशांत का "दिमाग ठीक नहीं है और वह परवीन बाबी की राह पर है" (परवीन का शव 2005 में उनके मुंबई के घर में मिला था जो तीन दिन तक कमरे में पड़ा रहा था।) माना जाता है कि उम्र में बड़ा फासला होने के बावजूद महेश और रिया में संबंध है।

सुशांत की मृत्यु के एक दिन बाद 15 जून को महेश ने यह ट्वीट की थी:

4. महेश आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले ज़ाकिर नायक का समर्थक और प्रशंसक है। महेश ने जाकिर को "जुर्रत करने वाला आदमी" कहा था। 2017 में महेश जाकिर पर एक फिल्म बनाने पर भी विचार कर रहा था।[1]

बेला और कल्याणी कौन थी?

नही पता तो जानिए अपने हिन्दू इतिहास को।।

बेला पृथ्वीराज कि बेटी थी और कल्याणी जयचंद कि पौत्री।

मोहम्मद गोरी जब हमारे देश को लूटकर अपने वतन गया तो गजनी के सर्वोच्च काजी और गोरी के गुरु निजामुल्क ने मोहम्मद गोरी को अपने महल में भव्य स्वागत करते हुए कहा कि "आओ गोरी आओ, तुमने भारत पर फतेह कर इस्लाम का नाम रोशन किया है,कहो "सोने कि चिड़िया हिंदुस्तान" के कितने पर कतर के लाये हो।"

"काजी साहब" मैं हिंदुस्तान से सत्तर करोड़ दिरहम मूल्य के सोने के सिक्के,पच्चास लाख चार सौ मन सोना, चांदी और भी बहुत से मूल्यवान वस्तु हिंदुस्तान से लूट खसोट कर गजनी कि सेवा में लाया हूं।

बहुत अच्छा

"हिंदुस्तान के काफिरो के मंदिरों का क्या किया?"

"हिंदुस्तान के मंदिरों को लूटकर 17000 सोने चाँदी कि मूर्ति तथा 2000 किस्म की बेशकीमती पत्थर तथा शिवलिंग भी उठा लाया और बहुत से मंदिरों को नष्ट भृष्ट कर जमींदोज कर दिया " बहुत अच्छा,सुभान अल्लाह।

थोड़ा देर रुककर, (काजी बोला)लेकिन हमारे लिए कोई खास तोहफा नही लाये "लाया हूं ना काजी साहब "

जन्नत कि हूरो से भी सुंदर जयचंद कि पौत्री कल्याणी तथा पृथ्वीराज चौहान कि बेटी "बेला"

"तो फिर देर किस बात की है" (काजी बोला)

बस आपके इसारे भर कि जरूरत है।( गोरी बोला)

काजी के इशारा करते ही शाहबुद्दीन गोरी ने "बेला और कल्याणी" को उसके हरम में पहुँचा दिया।"कल्याणी और बेला कि अदभुत सुंदरता को देख काजी कि आंखे चोंधिया गयी

चित्र श्रोत: गूगल

उसे लगा कि स्वर्ग से अप्सराये आ गयी हैं।

उसने दोनों राजकुमारियों के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा तब, बेला बोली "काजी साहब आपकी बेगम बनना हमारे लिए खुशकिस्मती है, लेकिन विवाह करने से पहले हमारी दो शर्ते हैं।"

कहो-कहो क्या शर्ते हैं, तुम जैसी हूरो से शादी करने के लिए मैं कोई भी शर्त मानने को तैयार हूं।

पहली शर्त ये है की हमे शादी से पहले अपवित्र ना किया जाए और दुशरी शर्त यह है कि हमारे यहाँ प्रथा है कि लड़के का कपड़ा लड़कियों के यहाँ से आता है,अतः दूल्हे के कपड़े का जोड़ा तथा हमारी रकम हमारे मातृभूमि से मंगाई जाए।

काजी बोला मुझे तुम्हारी दोनों शर्ते मंजूर हैं।

और फिर बेला और कल्याणी ने कविचंद के नाम एक रहस्मई खत लिख कर भारत भूमि से शादी का जोड़ा मांगा लिया।काजी के साथ उनके निकाह का दिन निश्चित हो गया।रहमत झील के किनारे नए महल में निकाह कि तैयारी शुरू हुई।कविचंद द्वारा भेजे गए कपड़े पहन काजी साहब शादी के मंडप में आये।बेला और कल्याणी ने भी कविचंद द्वारा भेजे हुए कपड़े पहन रखे थे।शादी को देखने के लिए बाहर जनता कि भीड़ इक्कठी हो गयी थी।

तभी बेला ने काजी से कहा कि हम कलमा और निकाह पढ़ने से पहले हम गजनी कि जनता को झरोखे से दर्शन देना चाहते है,क्योंकि विवाह के पहले जनता को दर्शन देने कि हमारे यहाँ प्रथा हैं,और गजनी वालो को भी तो पता चले कि आप बुढ़ापे में जन्नत कि सबसे खूबसूरत हूरो से शादी रचा रहे है, जो गजनी के सम्मान की बात है।

हा- हा क्यों नही, काजी ने उत्तर दिया और बेला और कल्याणी के साथ महल के कंगूरे पर गया,लेकिन वहाँ पहुचते पहुचते ही काजी के दाहिने कंधे से आग कि लपटे उठने लगी,क्योंकि कविचंद ने बेला और कल्याणी का रहस्मय पत्र समझकर बड़े तीक्ष्ण विष में सने हुए कपड़े भेजे थे।काजी विष कि ज्वाला से पागलो कि तरह इधर-उधर भागने लगा तभी बेला ने काजी से कहा कि तुम्ही ने गोरी को भारत पर आक्रमण करने के लिए उकसाया था ना?हमने तुझे मारकर अपने देश को लूटने का बदला ले लिया,हम हिन्दू कुमारिया हैं समझे, किसमे इतना ताक़त है की जीते-जी हमारे शरीर को छू सके।

इतना कहकर उन दोनों बालिकाओ ने महल कि छत पर बिल्कुल किनारे खड़ी होकर एक दुशरे के छाती में विष बुझी कटार भोक दी और उनकी प्राणहीन देह उस उची छत से नीचे लुढ़क गयी।पागलो कि तरह इधर उधर भागता काजी जलकर भस्म हो गया।भारत कि इन दोनों बहादुर बेटियों ने विदेशी धरती पर पराधीन रहते हुए भी,बलिदान के जिस गाथा का निर्माण किया वो गर्व करने योग्य है।

पर शायद ये सब हमलोग को पता नही, कसूर आपका या हमारा भी नही है,इसका कारण है किवामपंथियो ने हमे झूठा इतिहास जो पढ़ाया है।


विश्व में पहली एडल्ट वीडियो कौन सी है?

 आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि दुनिया की पहली पोर्न फिल्म 1886 में फिल्मों के Silent era के दौरान बनाई गई थी। यह एक सात मिनट की फ्रेंच फिल्म थी जिसमें एक महिला को बाथरूम में स्ट्रिपटीज़ करते हुए दिखाया गया था। फिल्म का नाम था " Le Coucher de la Mariée "। फ़िल्म में अभिनेत्री Louise Willy थी।

विश्व में पहली पूर्ण लंबाई वाली अश्लील फिल्म "डीप थ्रोट" है।

आइये जानते हैं दुनिया की सबसे पहली पूर्ण लंबाई वाली एडल्ट फिल्म स्टार की डरा देने वाली कहानी-

लिंडा सुज़न बोरमैन यानी लिंडा लवलेस. जिनको अगर दुनिया की सबसे दुर्भाग्यपूर्ण एक्ट्रेस कहा जाए तो शायद गलत नहीं होगा. लवलेस का नाम इतना पॉपुलर हुआ कि उससे पहले की मशहूर गणितज्ञ अदा लवलेस का नाम भी लोग लिंडा लवलेस के नाम से जोड़कर लेते हैं.लिंडा लवलेस, दुनिया की पहली पॉर्न स्टार, जिसकी प्रसिद्धि दशकों बाद भी कायम है. और जिसकी यही तमन्ना रही कि इसके बाद कोई और लड़की इस तरह की ज़िंदगी न जिए.

1972 में एक पॉर्न फिल्म आई ‘डीप थ्रोट’. फिल्म में एक नई लड़की थी. 5 फीट 8 इंच की लंबाई, ब्रनेट शेड यानी गहरी भूरी ज़ुल्फें और बड़ी-बड़ी आंखें. फिल्म सुपरहिट हुई. इतनी बड़ी हिट की न्यूयॉर्क टाइम्स ने उसकी समीक्षा छापी. उस जमाने की ‘पुसी कैट थिएटर’ चेन में दिन में 10-10 शो चलाए गए. दावा किया जाता है कि फिल्म ने 600 मिलियन डॉलर (आज के दौर में 4 हज़ार करोड़ रुपये) कमाए. मगर लिंडा को इस फिल्म से कुल 1250 डॉलर यानी आज की तारीख में 70 हजार रुपये मिले. उसे भी उनके पति ने रख लिया.

ये होना तो तय था. टूटने की कगार पर बैठी एक फैमिली में बड़ी हो रही एक लड़की, जो स्कूल में लड़कों से दूरी बनाए रखने के लिए जानी जाती है, 20 साल की उम्र में प्रेगनेंट हो जाती है. उसके पैदा हुए बच्चे को किसी और को दे दिया जाता है. लड़की कंप्यूटर सीखना शुरू करती है. और चक ट्रायनर नाम के आदमी के साथ प्रेम में पड़ती है. चक लिंडा को डीप थ्रोट फिल्म की हिरोइन बनवाता है और इसके बाद ये लड़की दुनिया भर के मर्दों की फैंटेसी बन जाती है.

दुनिया भर के मर्द ये कहानी अपने-अपने हिसाब से सुनाते रहे. लिंडा को सुपरस्टार बना दिया गया. पर लिंडा ने जब ये कहानी खुद सुनानी शुरू की तो पूरी दुनिया की मर्दानगी को पाला मार गया. लिंडा ने चक के साथ तलाक की अर्ज़ी दी. इसके बाद 1980 में अपनी आत्मकथा भी लिखी. इसमें जो कहानी सामने आई, उसे सुनना ही रूह कंपा देता है. लिंडा ने इसे कैसे जिया, पता नहीं.

लिंडा और चक.

पर सुपर स्टार बनने के पहले दर्दनाक कहानी थी

फिल्म आने से पहले भी कुछ हुआ था. जो दुनिया नहीं जानती थी. चक ने लिंडा को वेश्यावृत्ति करने के लिए कहा. नहीं मानी तो लिंडा को मजबूर किया गया. पति-पत्नी में बात बढ़ी, तो लिंडा छोड़ कर जाने लगीं. तो चक ने 5 लोगों से लिंडा का गैंगरेप करवा दिया. अप्राकृतिक सेक्स, कुत्तों के साथ सेक्स और तमाम तरह की क्रूरता की गई. म्यूजिकल चेयर खेला गया. बीच में लिंडा को लिटा दिया गया. फिर कई लोग लिंडा के साथ सेक्स करते. लिंडा के खुद के शब्दों में उनको किसी प्लास्टिक की गुड़िया की तरह उठा कर फेंका गया. शरीर के किसी भी अंग को किसी भी तरह से इस्तेमाल कर दिया जाता. ये सब लगातार तब तक चलता रहा जब तक लिंडा ने चक की हर बात को मानने की हामी नहीं भर दी.

इसके बाद भी चक की क्रूरता खत्म नहीं हुई. लिंडा बाथरूम भी जाती, तो चक नज़र रखता. फोन पर बात करतीं तो सिर पर बंदूक रखी रहती. इसी बीच ‘डीप थ्रोट’ की शूटिंग शुरू हुई. इस फिल्म में डीप थ्रोटिंग के जिन दृश्यों पर न्यूयॉर्क टाइम्स के समीक्षक सिनेमाई बातें लिख रहे थे उनको करवाने के लिए लिंडा पर मैग्नम राइफल तनी रहती थी.

लिंडा की किताब

लिंडा की बातों को झूठ साबित करने का दौर भी शुरू हुआ, नए धोखे भी मिले

इसके बाद आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हुआ. चक के दोस्तों ने कहा कि वो लिंडा के साथ एक वॉयलेंट गेम में शामिल थे, मगर ऐसा कुछ खास नहीं हुआ. डीप थ्रोट में उनके को-स्टार ने कहा कि लिंडा एक महिला के तौर पर अपने आप को संभाल नहीं पाती थीं. उनके साथ जो हुआ, वो उनकी अपनी आदतों का नतीजा था, वो लिमिट में रहना नहीं जानती थीं. ये भी कहा गया कि लिंडा को पर्सनैलिटी डिसऑर्डर है. बाद में लिंडा के लाई डिटेक्टर टेस्ट में पता चला कि वो सच बोल रही थीं. बाद में एक पत्रकार ने रिसर्च की. लिंडा की सारी बातें सच थी और 30 सालों में लिंडा ने कभी भी कोई डिटेल गलत नहीं की.

इसके बाद लिंडा के शोषण का दूसरा दौर शुरू हुआ. उनको ‘बैन द पॉर्न मूवमेंट’ का चेहरा बनाया गया. इसके नाम पर पैसे लिए गए और लिंडा को फिर कुछ नहीं मिला. फिर लिंडा ने दूसरी शादी कर ली. वो मां भी बनी, इससे उनकी ज़िंदगी में काफी स्टैबिलिटी आई. मगर कुछ ही समय के बाद उनका एक भयानक ऐक्सिडेंट हुआ और खराब खून चढ़ने से लिंडा की सेहत खराब हो गई. उनका फिर से तलाक हो गया. दूसरा पति बहुत शराब पीता था. बीमार लिंडा की उसे कोई जरूरत नहीं थी. 2002 में लिंडा की बीमारियों के चलते मौत हो गई. लिंडा लवलेस पर कई डॉक्यूमेंट्री और फिल्में बन चुकी हैं. 2011 में ‘लवलेस’ के नाम से आई फिल्म को तारीफ तो खूब मिली, मगर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाई नहीं कर पाई.

पॉर्न के बारे में अगली बार सोचते हुए लिंडा की ये बात याद रखिएगा-

“डीप थ्रोट के जिन हिस्सों को देख कर आप खुश हो रहे थे उनमें बंदूक की नोंक पर मेरा बलात्कार हो रहा था”

क्या आप विश्व के अनोखे मुकदमे के बारे में बता सकते हैं?

 

मेरी नज़रों में सबसे अनोखा मुकदमा यही होना चाहिये! यहां मैं सिर्फ एक ही मुक़दमे के बारे में बताऊँगा. मुझे पता नहीं कि ये सच है या नहीं लेकिन मैंने इसे हाल ही में कहीं पढ़ा था!

विश्व का सबसे अनोखा मुकदमा ,,,,और में ऐसे मुकदमे हर घर मे देखना भी चाहता हूं

न्यायालय में एक मुकद्दमा आया ,जिसने सभी को झकझोर दिया |अदालतों में प्रॉपर्टी विवाद व अन्य पारिवारिक विवाद के केस आते ही रहते हैं| मगर ये मामला बहुत ही अलग किस्म का था|

एक 70 साल के बूढ़े व्यक्ति ने ,अपने 80 साल के बूढ़े भाई पर मुकद्दमा किया था|

मुकद्दमे का कुछ यूं था कि "मेरा 80 साल का बड़ा भाई ,अब बूढ़ा हो चला है ,इसलिए वह खुद अपना ख्याल भी ठीक से नहीं रख सकता |मगर मेरे मना करने पर भी वह हमारी 110 साल की मां की देखभाल कर रहा है |

मैं अभी ठीक हूं, इसलिए अब मुझे मां की सेवा करने का मौका दिया जाय और मां को मुझे सौंप दिया जाय"।

न्यायाधीश महोदय का दिमाग घूम गया और मुक़दमा भी चर्चा में आ गया| न्यायाधीश महोदय ने दोनों भाइयों को समझाने की कोशिश की कि आप लोग 15-15 दिन रख लो|

मगर कोई टस से मस नहीं हुआ,बड़े भाई का कहना था कि मैं अपने स्वर्ग को खुद से दूर क्यों होने दूँ |अगर मां कह दे कि उसको मेरे पास कोई परेशानी है या मैं उसकी देखभाल ठीक से नहीं करता, तो अवश्य छोटे भाई को दे दो।

छोटा भाई कहता कि पिछले 40 साल से अकेले ये सेवा किये जा रहा है, आखिर मैं अपना कर्तव्य कब पूरा करूँगा।

परेशान न्यायाधीश महोदय ने सभी प्रयास कर लिये ,मगर कोई हल नहीं निकला|

आखिर उन्होंने मां की राय जानने के लिए उसको बुलवाया और पूंछा कि वह किसके साथ रहना चाहती है|

मां कुल 40 किलो की बेहद कमजोर सी औरत थी और बड़ी मुश्किल से व्हील चेयर पर आई थी|उसने दुखी दिल से कहा कि मेरे लिए दोनों संतान बराबर हैं| मैं किसी एक के पक्ष में फैसला सुनाकर ,दूसरे का दिल नहीं दुखा सकती|

आप न्यायाधीश हैं , निर्णय करना आपका काम है |जो आपका निर्णय होगा मैं उसको ही मान लूंगी।

आखिर न्यायाधीश महोदय ने भारी मन से निर्णय दिया कि न्यायालय छोटे भाई की भावनाओं से सहमत है कि बड़ा भाई वाकई बूढ़ा और कमजोर है| ऐसे में मां की सेवा की जिम्मेदारी छोटे भाई को दी जाती है।

फैसला सुनकर बड़ा भाई जोर जोर से रोने लगा कि इस बुढापे ने मेरे स्वर्ग को मुझसे छीन लिया | अदालत में मौजूद न्यायाधीश समेत सभी रोने लगे।

कहने का तात्पर्य यह है कि अगर भाई बहनों में वाद विवाद हो ,तो इस स्तर का हो|

ये क्या बात है कि 'माँ तेरी है' की लड़ाई हो,और पता चले कि माता पिता ओल्ड एज होम में रह रहे हैं | यह गलत है।

हमें इस मुकदमे से ये सबक लेना ही चाहिए,!

धन्यवाद!!!

जीवन में ऐसी कोनसी चीजे है जो कभी नहीं करनी चाहिए?

 


  1. वैश्या के साथ कभी भी शारीरिक सम्बंध नहीं स्थापित करना चाहिए।
  2. अपनी पूर्व प्रेमिका के पास लौटकर कभी भी नहीं जाना चाहिए।
  3. प्रेमिका के लिए कभी भी अपने मित्र तथा परिवार का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। कभी भी नहीं।
  4. अपने माता पिता के अलावा और किसी के भी सामने रोना नहीं चाहिए। किसी के भी सामने नहीं, ये बात याद रखिए।
  5. सिर्फ़ सेक्स करने के लिए किसी को प्यार के झाँसे में नहीं रखना चाहिए। अगर आप प्यार नहीं करते तो यथाशीघ्र बता दे।
  6. अपने कार्यालय के सहकर्मी के साथ शारीरिक सम्बंध स्थापित नहीं करना चाहिए।(अगर आप उनसे शादी नहीं करने वाले है)
  7. अपने माता पिता को किसी भी क़ीमत पे निराश नहीं होने देना चाहिए। क्योंकि इस संसार में सिर्फ़ वही आपकी भलाई चाहते हैं।

धन्यवाद…!


विष्णुपुराण में विश्व मानचित्र का कैसा वर्णन मिलता है?

ये प्रश्न जितना रोचक है, उसका उत्तर उससे भी कहीं अधिक रोचक है। यहाँ पर में संक्षेप में उत्तर दे रहा हूँ। मेरा ये विश्वास है कि इस जानकारी को जानने के बाद आप अपने हिन्दू धर्म पर गर्व करेंगे।

आपको जानकर महान आश्चर्य होगा कि वर्तमान विश्व के नक्शे का वर्णन आज से सहस्त्रों वर्ष पूर्व महर्षि वेदव्यास ने दे दिया था। इसका वर्णन महाभारत के भीष्म पर्व में महर्षि वेदव्यास और धृतराष्ट्र के संवाद में मिलता है। भीष्म पर्व के आरंभ में एक श्लोक है:

सुदर्शनं प्रवक्ष्यामि द्वीपं तु कुरुनन्दन। परिमण्डलो महाराज द्वीपोऽसौ चक्रसंस्थितः।। यथा हि पुरुषः पश्येदादर्शे मुखमात्मनः। एवं सुदर्शनद्वीपो दृश्यते चन्द्रमण्डले।। द्विरंशे पिप्पलस्तत्र द्विरंशे च शशो महान्।

अर्थात: हे कुरुनन्दन! सुदर्शन नामक यह द्वीप चक्र की भाँति गोलाकार स्थित है, जैसे पुरुष दर्पण में अपना मुख देखता है, उसी प्रकार यह द्वीप चन्द्रमण्डल में दिखायी देता है। इसके दो अंशो मे पिप्पल और दो अंशो मे महान शश (खरगोश) दिखायी देता है।

इसी श्लोक को पढ़ कर ११वीं सदी में श्री रामानुजाचार्य ने महर्षि व्यास द्वारा वर्णित उस नक़्शे को बनाया था।

इस चित्र को यदि उल्टा कर दिया जाये तो ये बिलकुल हमारी पृथ्वी का नक्शा बन जाता है।

और जैसा कि महर्षि व्यास ने कहा है, इसे पृथ्वी के दो अंशों में बांटा जाये तो ये पूर्णतः हमारी पृथ्वी का नक्शा बन जाता है।

ये इस बात को सिद्ध करता है कि हिन्दु धर्म पुरातन होते हुए भी कितना वैज्ञानिक है। इसीलिए पश्चिम की ओर दौड़ना छोड़ें और अपने धर्म को मजबूती से पकड़े रहें।

क्या आपने कभी किसी गर्भवती आदमी के बारे में सुना है ?!

अच्छा, आज उन्नत तकनीकों के कारण यह संभव हो सकता है लेकिन 1999 में ऐसा नामुमकिन था? मिलिए संजू भगत से- प्रेग्नेंट मैन केवल 2 साल की उम्र में,...